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Bihar Police Training News: भीषण गर्मी में 16 किलोमीटर दौड़ पड़ी भारी, डेहरी में 16 महिला प्रशिक्षु बीमार, चार रेफर

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रोहतास के डेहरी महिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान 16 महिला प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ गई। चार प्रशिक्षुओं को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया।

रोहतास/आलम की खबर:रोहतास जिले के डेहरी स्थित जिला महिला पुलिस बल प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान एक साथ कई महिला प्रशिक्षुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 16 किलोमीटर लंबी दौड़ आयोजित की गई थी। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच दौड़ पूरी करने के दौरान कई प्रशिक्षुओं को चक्कर आने, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी और पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं।

घटना के बाद प्रशिक्षण केंद्र में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रभावित प्रशिक्षुओं को संभाला गया और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। कुछ प्रशिक्षु दौड़ के दौरान ही जमीन पर गिर पड़ीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।

जानकारी के अनुसार, सभी बीमार प्रशिक्षुओं को एंबुलेंस के माध्यम से डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की निगरानी में अधिकांश प्रशिक्षुओं की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन चार महिला प्रशिक्षुओं की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सासाराम सदर अस्पताल और जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।

1358 महिला प्रशिक्षु ले रही हैं प्रशिक्षण

डेहरी स्थित महिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में बिहार के अलग-अलग जिलों से आई बड़ी संख्या में महिला प्रशिक्षु पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वर्तमान में यहां करीब 1358 महिला प्रशिक्षु प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता बढ़ाने के लिए दौड़, परेड और अन्य अभ्यास कराए जाते हैं।

रविवार को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत लंबी दूरी की दौड़ रखी गई थी। लेकिन गर्मी और उमस के कारण कई प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य पर अचानक असर पड़ा। घटना के बाद प्रशिक्षण व्यवस्था और मौसम के अनुसार शारीरिक अभ्यास की योजना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

भीषण गर्मी में कठिन प्रशिक्षण पर उठे सवाल

मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार गर्मी और लू को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे समय में तेज धूप के बीच लंबे समय तक शारीरिक मेहनत करना शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी तत्वों की कमी होने लगती है। यदि समय पर पानी, आराम और चिकित्सा सहायता नहीं मिले तो हीट स्ट्रोक, कमजोरी, बेहोशी और अन्य गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

महिला प्रशिक्षुओं के बीमार होने की घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशिक्षण कार्यक्रम को मौसम की परिस्थितियों के अनुसार बदला जाना चाहिए। कई लोगों का कहना है कि गर्मी के चरम समय में सुबह जल्दी या शाम के समय कठिन शारीरिक अभ्यास कराया जाना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।

पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना

डेहरी महिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गर्मी के मौसम में प्रशिक्षण गतिविधियों के दौरान प्रशिक्षु जवानों के स्वास्थ्य प्रभावित होने के मामले सामने आ चुके हैं।

कुछ समय पहले समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी प्रशिक्षु जवान श्रीराम कुमार भी दौड़ के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना एम्स भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

इस घटना के बाद भी प्रशिक्षण केंद्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा, मेडिकल सुविधा और मौसम के अनुसार प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब डेहरी की घटना ने एक बार फिर इन मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

प्रशिक्षण केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत

पुलिस प्रशिक्षण जैसे कठिन कार्यक्रमों में शारीरिक क्षमता और अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इसके साथ प्रशिक्षुओं की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण के दौरान मेडिकल टीम की उपलब्धता, पर्याप्त पानी की व्यवस्था और मौसम की निगरानी लगातार होनी चाहिए।

लंबी दूरी की दौड़ या कठिन अभ्यास से पहले प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, ताकि किसी गंभीर परिस्थिति से बचा जा सके।

प्रशासन कर रहा मामले की समीक्षा

घटना के बाद प्रशिक्षण केंद्र प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की समीक्षा में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं की तबीयत खराब हुई।

वहीं अस्पताल में भर्ती महिला प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रशिक्षुओं के इलाज और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

डेहरी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीषण गर्मी के दौरान सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को किस तरह अधिक सुरक्षित बनाया जाए। देश और राज्य की सेवा के लिए तैयार हो रहे इन प्रशिक्षुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

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पुलिस प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता का अपना महत्व है, क्योंकि भविष्य में जवानों को कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभानी होती है। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान मौसम और स्वास्थ्य परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बिहार में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक कठिन अभ्यास कराना प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक व्यवस्था, पर्याप्त मेडिकल सपोर्ट और मौसम के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम जरूरी है।

जो युवा देश और समाज की सुरक्षा के लिए तैयार हो रहे हैं, उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। डेहरी की घटना से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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